आयुर्वेदिक मैं बालों की कैसे करें देखरेख

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चाहे महिला हो या पुरुष दोनों को ही अपने बालों से बेहद लगाव होता है। बालों की सुंदरता के लिए हम-आप बाजार में उपलब्ध कई तरह के सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। मगर इन सौंदर्य उत्पादों में मौजूद केमिकल बाल की जड़ों को कमजोर करते हैं।
बालों की सुंदरता यानि बालों का काला, घना, लंबा और रेशमी होना तभी संभव है जब बालों की जड़ मजबूत हो। बालों की जड़ को मजबूती आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, तेल और औषधियों से मिलती है। बालों की संपूर्ण देखभाल के लिए आयुर्वेद में कारगर उपायों का खजाना है। आइए जानते हैं बालों की देखभाल के लिए आयुर्वेद के कारगर टिप्स।

काले बालों के लिए आयुर्वेदिक टिप्स:

1. शिकाकाई और आंवला :
लंबे और रेशमी बालों के लिए शिकाकाई और आंवले से बालों को धोएं। शिकाकाई और सूखा आंवला बराबर मात्रा में लें। रात में दोनों को पानी में भींगने के लिए छोड़ दें। सुबह पानी को कपड़े से छान कर निकाल लें। अब इस पानी को सिर पर मलें और बालों को धोएं। बालों के सूखने के बाद इनमें नारियल तेल लगाएं। इस विधि को आजमाने से बाल काले, घने और लंबे होते हैं।



2. भृंगराज :
भृंगराज को भली-प्रकार काटकर बारीक बनाया हुआ चूर्ण और काले तिल को बराबर मात्रा में मिलाएं। रोज़ सुबह के समय एक चम्मच यह चूर्ण खूब चबाकर खाएं और उपर से ताजा पानी पी लें। लगातार छह महीने इसे आजमाने से समय से पहले बालों का पकने और झड़ने की शिकायत से छुटकारा मिल जाएगा। केश काले, घने और चमकदार होंगे।

3. दही का शैंपू :
साबुन के स्थान पर 100 ग्राम दही में थोड़ी सी काली मिर्च मिलाकर हफ्ते में इससे बालों को धोएं। इससे बाल काले होते हैं, झड़ने बंद होते हैं और बालों का सौंदर्य खिल उठता है।

4. नींबू का शैंपू :
मटमैले बालों को काला बनाने के लिए नींबू का रस निचोड़ कर उसमें दो कप गर्म पानी डालें। बालों को गीला करने के बाद इस नींबू के शैंपू को सिर में डालकर रगड़ें। याद रखें ऐसा करने के बाद बालों को पानी से न धोएं, तौलिए से बाल सुखाएं। कुछ देर बाद सूर्य की धूप में बैठकर कंघी से केश संवारें। हफ्ते में दो-तीन बार ऐसा करने से बाल स्वाभाविक रुप से काले होते हैं।

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