भारत की पहली महिला लड़ाकू विमान पायलट: अवनि चतुर्वेदी
अवनि चतुर्वेदी भारत की पहली महिला लड़ाकू पायलटों में से एक है। वह रीवा जिले से है जो मध्य प्रदेश में है। उन्हें अपनी दो साथियों- मोहन सिंह और भावना कंठ के साथ पहली बार लड़ाकू पायलट घोषित किया गया था।भावना कांत बिहार के बेगूसराय की और मोहना गुजरात के वडोदरा की हैं। इन तीनों को जून 2016 में भारतीय वायु सेना के लड़ाकू स्क्वाड्रन में शामिल किया गया। उन्हें औपचारिक रूप से तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा कमीशन में शामिल किया गया था
नाम अविन चतुर्वेदी
जन्म तारीख 27 अक्टूबर 1993
पिता का नाम दिनकर चतुर्वेदी
नागरिकता भारतीय
व्यवसाय लड़ाकू विमान पायलट
उपलब्धि प्रथम महिला फाइटर पायलट
शिक्षा स्नातक
निवासी रीवा (मध्यप्रदेश)
प्रारंभिक जीवन ओर पारिवारिक जानकारी
अवनि का जन्म रीवा के निवासी दिनकर चतुर्वेदी के यहां 23-10-1993 के दिन हुआ। अवनि के पिता जल संसाधन विभाग में एक कार्यकारी इंजीनियर और माता एक गृहिणी हैं।
जबकि भाई आर्मी में कैप्टन है।अवनी के चाचा सहित परिवार के कई सदस्य आर्मी के जरिए देशसेवा कर रहे हैं। अवनि ने अपने बड़े भैया से प्रेरित होकर सेना में आने का निर्णय लिया।
अवनि के भैया भी चहाते थे उनकी बहन देश की सेवा करे।अवनि को अपने कॉलेज के फ्लाइंग क्लब में कुछ घंटो की उड़ान का अनुभव पहेले से था। इन्हीं वजहों से अवनी को भी ये लाइफ पसंद है। एक इंटरव्यू के दौरान अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अवनी ने बताया था कि हर किसी को बचपन में आसमां की तरफ उड़ता प्लेन देखकर ऊपर उड़ने को जी चाहता है। आज उन्हें एयरफोर्स के जरिए ये मौका मिल रहा हैं।
शिक्षा संपादित
अवनि ने अपनी स्कूली शिक्षा दियोलैंड से की जो कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में स्थित एक छोटा सा शहर है। उन्होंने २०१४ में अपनी स्नातक प्रौद्योगिकी वनस्थली विश्वविद्यालय, राजस्थान से करते हुए भारतीय वायु सेना की परीक्षा भी पारित की। 22-वर्षीय अवनि चतुर्वेदी ने अपना पूरा प्रशिक्षण हैदराबाद की वायु सेना अकादमी से लिया।
अवनि का महिलाओं को संदेश
इस पायलट ने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में काम करने को सक्षम हैं। बस खुद को जागरूक रखने के साथ प्रोफेशनली सही साबित करने की कोशिश करनी चाहिए।
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